दुःख में नीर बहाती आँखें,
सुख में भी भर आती आँखें |प्रियजनों को देख हर्षाती आँखें,
अनचाहों को देख रक्तित हो जाती आँखें |
स्वप्नों से बहराई आँखे,
चिंता में गहराई आँखे |
प्रतीक्षा में पथराई आँखें,
अश्रुओं से तर आई आँखें |
जग का दर्शन कराती आँखें,
सबका सच बताती आँखें |
रंगों की पहचान कराती आँखें,
अवरोधों से बचाती आँखें |
मुख की शोभा बढ़ाती आँखें,
लहरों से लहराती आँखें |
लज्जा से झुक जाती आँखे,
संकेतों में संदेशे बताती आँखें |
चुप रह कर भी बहुत कुछ कह जाती ये आँखे,
और बहुत कुछ कहकर भी कुछ न कह पाती ये आँखें |
अभिनय और नृत्य का विशेष अंग हैं ये आँखें,
कोई भी भाव अधूरा है, जब तक प्राण न भरें उसमें ये आँखें |बड़ी अनमोल हैं द्वय ये आँखें,
न करे व्यर्थ, करें दान ये अतुल्य आँखें |
कर दें दीप्त और भी जीवन देकर ये आँखें,
और कर दें अमर अपनी ये अद्भुत द्वय आँखें |
khupach chhan!!!
जवाब देंहटाएंThank you Arundhati :)
जवाब देंहटाएंसुधीर वाडीकर
जवाब देंहटाएंक्या बात है अभिनव भाई बहुत अच्छे ! तुम तो अच्छे खासे कवी हो गए ! अपने लिए कोई उपनाम भी सोच लो ! जैसे अभिनव "बिंदास" या अभिनव "अकेला" वगेरहा वगेरहा
Dhanyawaad Atoba... :) Upnaam rakhan to kuchh jayada ho jayegaa vaise idea bura nahin par philahal Abhinav Tembe hi thik hai :D
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